इस चिट्ठे पर प्रकाशित सभी विचारों के लिये लेखक स्वयं उत्तरदायी है। संपादन मंडल का लेखक की राय से सहमत होना अनिवार्य नहीं है। -संपादक
राहुल गाँधी  अपने ही  कहे गये वाक्यों  से
अपनी  छवि बिगारने की कोशिशो में क्यों है ?
आन्ना हजारे के आमरण अनशन को लेकर उन्होंने जो टिपण्णी की
 क्या एक राजनेता को इस तरह के शब्द शोभा देते है ?
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