इस चिट्ठे पर प्रकाशित सभी विचारों के लिये लेखक स्वयं उत्तरदायी है। संपादन मंडल का लेखक की राय से सहमत होना अनिवार्य नहीं है। -संपादक

कर्तव्य और घोषणापत्र

बीजेपी का घोषणापत्र-अयोध्या राम मन्दिर को बनवाने का संकल्प
अब तक ऐसे ही कितने संकल्प लिए कभी मन्दिर तो कभी मस्जिद
कभी भारतीय नागरिको की जरुरत को समझ पाई
बीजेपी को तो बस मन्दिर-मस्जिद को बनवाने और तोड़ने का ही कम रह गया है।

छा गई नैनो

हर व्यक्ति की इच्छा को धयान में रखते हुए टाटा मोटर्स ने नैनो को मार्केट में लाई है, जो आज काफी प्रचलित हो गई है।
कुछ समय बाद तो सब्जी वालो का सपना साकार होने वाला है, जब वो भी कार में बैठकर अपना काम-धंधा करेगे।

वरुण गांधी बनाम जानवर

मेरे साथ जेल में जानवरों जैसा बर्ताव हुआ- वरुण गांधी

चलो ठीक ही हुआ, अब मेनका जी आपके संरक्षण के लिए अभियान चला सकती हैं!

नोट नही मदद बाटी जसवंत सिंह

ये मदद आप लोगो को मतदान से पहले ही याद क्यों आती है

४० बड़े नेता आतंकी निशाने पर
आज तो पूरा विश्व आतंकी निशाने पर है तो ४० नेता कौन सी बड़ी बात है
वरुण की सुरक्षा को खतरा
पहले ये बताइए कि आज की तारीख में किसकी सुरक्षा को खतरा नही है

भीड़ से बचने को राहुल भागे

सर अभी से ही भीड़ से भागना शुरू कर दिया तो आगे चल कर जीतने के बाद तो भीड़ से बचने के लिए इटली ही चले जायेगे जनता को अभी से सावधान हो जन चाहिए

भड़काऊ भाषण और वोट मांगते नेता

चुनाव के आते ही हर नेता का भाषण और घर-घर जाकर वोट मांगने का सिलसिला शुरू हो जाता है। लेकिन आज की युवा पीढ़ी जो अपने मत की अहमियत ही कम समझ ते है, नेताओ के भड़काऊ भाषण की गिरफ्त में आ जाते है।
आज हर भारतीय नागरिक को जागरूक होने की जरुरत है, खासकर युवा पीढ़ी को। अपना मत न तो भड़काऊ भाषण और न ही घर पर आए भीख मांगते हुए नेता को दे।
एक गलत नेता के कारण सबका भविष्य तो बर्बाद होगा ही और साथ ही पूरे देश को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

गुड्डू पंडित ने वोटरों को धमकाया

कोई नई बात नही है ये तो सता में रहने वाले हर व्यक्ति को करना पड़ता है

आंतक का पक्ष

अंजलि वाघमारे का नाम तो हम सब को न्यूज़ चैनल और अखबारों में देखने को मिलेगा क्योंकि इनका कारनामा ही कुछ ऐसा है। इन्होंने एक भारतीय होकर आंतकवादी की वकालत का जो फैसला लिया उससे भारतीय नागरिको के ज़ख्म तो हरे हो गए और साथ ही भारतीय का निवासी होकर आंतकवादी के पक्ष में लड़ के फैसले से लोगो की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। मुंबई हमले में जब उस आंतकवादी कसाब ने हजारो की तादाद में लोगो की हत्या करी थी, उस दिल-दहला देने वाले हमले के बाद क्या कोई गुंजाइश रह जाती है कि कसाब को किसी वकील की जरुरत है? यह सरासर आंतक को दिया जाने वाला बढावा है कि कोई भी आंतकवादी भारत पर हमला करके पकड़ा जाए तो उसके बचाव के लिए जिस देश पर हमला किया हो वही का वकील उसकी वकालत के लिए दिया जाए। जनता द्वारा इसका विरोध करना जायज़ है।
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