इस चिट्ठे पर प्रकाशित सभी विचारों के लिये लेखक स्वयं उत्तरदायी है। संपादन मंडल का लेखक की राय से सहमत होना अनिवार्य नहीं है। -संपादक

…..ये लगा नरेंद्र मोदी पर निशाना

गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर एक ऐसे नेता पर निशाना मारा जो राष्ट्रीय स्तर पर खबरों में रहते हैं. केजरीवाल ने इस बार भारतीय जनता पार्टी के सबसे लोकप्रिय नेता गुजरात के मुख्यमंत्री को निशाना बनाया है. केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस के साथ मिलकर गुजरात को लूटने के आरोप लगाए हैं. केजरीवाल का यह आरोप अपनी पार्टी नामकरण के बाद पहला आरोप है.

उन्होंने कहा कि मोदी का बिजली उत्पादक कंपनी अदानी ग्रुप से साथ गहरी सांठगांठ है. नरेन्द्र मोदी कई मौकों पर अदानी ग्रुप को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया. पिछले दिनों कोयले की कालिख से जिस तरह से देश के कई बड़े नेताओं का मुख काला हुआ उसमें नरेंद्र मोदी भी नहीं बच पाए. अरविंद ने आरोप लगाया कि ‘गुजरात सरकार ने कोयला खदानें तो फ्री में मुहैया करा दीं, लेकिन बदले में 5 रुपये प्रति यूनिट की दर से अदानी ग्रुप से बिजली खरीदी. इस तरह से सरकार को बड़ा घाटा हुआ. अदानी ग्रुप गुजरात सरकार.....


Read This Blog (Click Here

भारतीय क्रिकेट का सचिनीकरण



क्रिकेट में ऐसा बहुत कम ही होता है जब किसी खिलाड़ी के लगातार ढुलमुल प्रदर्शन के बावजूद उसे टीम में बने रहने के लिए बार-बार मौके दिए जाएं. यहां हम बात कर रहे हैं मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की. खराब प्रदर्शन से जूझ रहें सचिन को कोलकाता में इंग्लैंड के खिलाफ खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट मैच के लिए एक बार फिर टीम इंडिया में शामिल कर लिया गया है. ऐसा माना जा रहा था कि सचिन बचे हुए टेस्ट मैच में शायद नहीं खेलेंगे लेकिन बीसीसीआई और चयनकर्ताओं ने एक बार फिर उन भरोसा जताया.

अब सवाल यह कि क्रिकेट को गली-मौहल्ले तक पहुंचाने वाले सचिन के भारतीय क्रिकेट टीम  में बने रहने को लेकर अभी तक संशय क्यों बना हुआ हैइसका जवाब यह है कि लगभग 30 हजार से अधिक रन बनाने वाले और इसी साल सौ शतक की उंचाई छुने वाले सचिन आज एक-एक रन के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं. जो गेंदबाज उन्हें आउट करने के सपने देखता था आज वही गेंदबाज सीना तानकर सचिन को बोल्ड कर रहा है. अपने कॅरियर में बड़े-बड़े गेंदबाजों के छ्क्के छुड़ाने वाले सचिन आज इन्ही गेंदबाजों Read More (Click here)

क्या कसाब को एक मच्छर ने मारा


एक आतंकवादी को लेकर सरकार ने जिस तरह से चार साल तक भारतीय जनता को गुमराह करके रखा उस आतंकवादी का अंत भी एक रहस्य के साथ दफन हो गया. रहस्य इस बात का कि क्या सचमुच में कसाब को फांसी दिया गया या फिर वजह कोई और है.

ऐसा माना जा रहा है कि जिस तरह से सरकार ने कसाब की मौत को गोपनीय बनाकर रखा, मीडिया को कानों-कान खबर नहीं लगने दी.  Read More (Click Here)

‘बलात्कार’ को अपनी पहचान बना रहे हैं समाजवादी !!


प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे मुलायम सिंह यादव की पार्टी के एक विधायक ने ऐसा काम किया है जिससे मानवता भी शर्मशार हो जाए. मामला उस दिन का है जब पूरा देश दीपावली पर्व की खुशियां मना रहा था. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में समाजवादी पार्टी के विधायक के मकान में उनके नौकर तथा कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा अगवा कर लायी गई एक लड़की से कथित रूप से सामूहिक बलात्कार का सनसनीखेज मामला सामने आया है.


पुलिस सूत्रों के अनुसार बलरामपुर सदर से सपा विधायक जगराम पासवान के घर के पास ही कक्षा पांच में पढ़ने वाली बालिका का घर है. मंगलवार रात दस बजे जब शौच के लिए वह खेत में गई, तभी नौकर राकेश ने उसे पकड़ लिया और विधायक के आवास पर लाकर 21 घंटे तक कमरे में बंद करके उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया. इस जानकारी पर लोगों ने विधायक का घर घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने पुलिस ने पीड़िता को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा और मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया.

इस तरह की घटना उत्तर प्रदेश के लिए कोई बात नहीं है. पहले बहुजन समाजवादी पार्टी के शासन काल में उनके विधायक और नेता कमजोर तबके की महिलाओं को अपने हवस का शिकार बनाते रहे हैं और अब वही काम अखिलेश यादव की नेतृत्व Read More (Click Here)

मुनाफे के लिए बच्चों को जहर परोसते थे यह भ्रष्टाचारी


देश में घोटाले को लेकर हर दिन एक नए खुलासे के बाद जनता के सामने एक और नया घोटाला आया है. इस बार का घोटाला गरीब और भुखमरी के शिकार बच्चों से जुड़ा हुआ है. यह वह बच्चे हैं जो सारी जिंदगी कुपोषण से लड़ते हैं. दरअसल महाराष्ट्र में आईसीडीएस (समन्वित बाल विकास योजना) कार्यक्रम के तहत गरीब बच्चों को दिए जाने वाले अनाज में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है. यह घोटाला करीब एक हजार करोड़ रुपये का है. इससे पहले महाराष्ट्र ने आदर्श, सिंचाई, टोल टैक्स घोटालों जैसे बड़े घोटाले भी देखे.


यह घोटाला उस समय सामने आया जब खाद्य सुरक्षा पर चल रही सरकारी योजनाओं की निगरानी के लिए नियुक्त सुप्रीम कोर्ट के कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट दी. रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना को चलाने के लिए कई निजी कंपनियों ने फर्जी Read More (Click Here)

अब तक दिग्विजय सिंह के तरकश से कितने निकले तीर

समाज के अलग-अलग लोगों को अपने ही तरीके से टारगेट करके मीडिया की सुर्खियां बटोरने वाले कांग्रेस महाचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस बार बीजेपी के एक बड़े नेता और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना निशाना बनाया है. दिग्विजय सिंह ने अपने एक बयान में कहा कि दूसरे की पत्नियों पर अपमानजनक टिप्पणियां करने वाले नरेंद्र मोदी अपनी पत्नी के बारे में क्यों चुप हैं? उन्होंने दावा किया कि मोदी शादीशुदा हैं और उनकी पत्नी का नाम यशोदा बेन है.


गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा को 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड बताया था. जवाब में कांग्रेस का बचाव करते हुए और महिलाओं के अपमान का हवाला देते हुए दिग्विजय सिंह... To Read More (Click Here)

टेस्ट क्रिकेट के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ कितना सही

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने एक अहम फैसले में वनडे और टी-20 के बाद अब टेस्ट क्रिकेट मैच को भी दूधिया रोशनी में खेले जाने का निर्णय लिया है. क्रिकेट परिषद का मानना है कि इस तरह के संशोधन से टेस्ट क्रिकेट को और अधिक लोकप्रिय बनाया जा सकता है. अपने इस निर्णय से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट का पूरी तरह से बाजारीकरण करने का फैसला किया. उन्होंने टेस्ट के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ करके उसे वनडे और टी-20 की तरह रंगीन बनाने की कोशिश की है. हालांकि डे-नाइट मैचों में बॉल किस रंग की होगी, इसका फैसला सदस्य देशों के क्रिकेट बोर्डों पर छोड़ा गया है. इसके अलावा यह भी उन पर निर्भर करेगा कि वे डे-नाइट टेस्ट मैच खेलना चाहते हैं या नहीं.



बाजार इस कदर क्रिकेट पर हावी हो रहा है कि किक्रेट संघों के ऊंचे पदों पर बैठे लोगों को पैसों के अलावा कुछ और नहीं दिखता. इस तरह के बदलाव से अब दर्शकों को वह पांच दिन का संघर्ष देखने को नहीं मिलेगा जिसमें कप्तान से लेकर खिलाड़ी मैच जीतने के लिए कई तरह के गणित लगाते थे. टेस्ट मैच शुरू होने से पहले खिलाड़ी Read More Click Here

कानून मंत्री थे तो कानून को ताक पर रख दिया अब विदेश मंत्री बन कर क्या

सर से लेकर पांव तक भ्रष्टाचार और घोटालों में घिरी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सराकार ने रविवार को अपने मंत्रिमंडल में भारी फेरबदल किया. इस फेरबदल में कुल 22 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई जिनमें से सात ने कैबिनेट, दो ने स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री और 13 ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली. इनमें से 17 मंत्री ऐसे हैं जिन्हें पहली बार सरकार में शामिल किया गया.


इस फेरबदल में कुछ रसूखदार मंत्री ऐसे हैं जो सरकार में रहते हुए कांग्रेस अलाकमान के आशीर्वाद से एक बड़ा ओहदा हासिल करने में कामयाब रहे. इन्हीं में से एक हैं पूर्व कानून मंत्री और अब विदेश मंत्री बन चुके सलमान खुर्शीद. ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड से कानून की शिक्षा हासिल करने वाले सलमान खुर्शीद का सरकार में बहुत ही ऊंचा स्थान है. वह कांग्रेस के उन अग्रणी नेताओं में से एक हैं जो कांग्रेस आलाकमान या फिर पार्टी की किसी भी मुसीबत में सबसे आगे आते हैं. हाल ही में जब अरविंद केजरीवाल ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर संपत्ति से जुड़े संगीन आरोप लगाए थे तब उन्होंने पार्टी का सच्चा वफादार होने का परिचय दिया.

वैसे विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद का आलाकमान के प्रति वफादार होना उनकी कई खूबियों में से एक है. लेकिन हाल के दिनों में मीडिया के सामने उनकी एक नई खूबी देखने को मिली. एक राजनेता के तौर पर पिछले दिनों उन्होंने घमंडी, दबंग और दंभी होने का प्रदर्शन किया. सलमान खुर्शीद के ऊपर अपने ट्रस्ट के माध्यम से विकलांगों का पैसा खाने का आरोप लगा जो एक बहुत संवेदनशील आरोप है. उन्होंने खुलेआम एक...... Read More (Click Hare

जसपाल भट्टी: फ्लॉप शो को बेस्ट शो बनाने वाला इंसान


अपने अलग तरह के हास्य अभिनय से लाखों दिलों पर राज करने वाले व्यंग्यकार जसपाल भट्टी का गुरुवार तड़के एक कार एक्सिडेंट में निधन हो गया.   पुलिस के मुताबिक जसपाल भट्टी उस समय हादसे का शिकार हुए जब वह अपने गृह प्रदेश पंजाब में फिल्म प्रमोशन के लिए मोगा से जालंधर जा रहे थे. जिस कार में यह हादसा हुआ उसमे जसपाल भट्टी के बेटे जसराज तथा तीन लोग और थे.


बॉलीवुड अभी निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा की मौत से उबरा भी नहीं था कि हास्य के महान कलाकार जसपाल भट्टी की मौत की खबर ने बॉलीवुड में शोक की लहर को और बढ़ा दिया है. जसपाल भट्टी को सामाजिक व्यंग्यकार के रूप में याद 
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें : 

अब तो हटाओ ‘धोनी’

टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम के सेमीफाइनल से पहले बाहर हो जाने के बाद टीम के साथ-साथ कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर हार का ठीकरा फोड़ा जाने लगा है. धोनी की काबीलियत पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और टीम की कमान किसी और के हाथों में सौंपे जाने की बात भी कही जा रही है. उन पर टीम चुनने से लेकर किस खिलाड़ी को कब खेलना चाहिए इसको लेकर भी आरोप लग रहे हैं. यह पहली बार नहीं है जब धोनी की काबीलियत पर सवाल उठाए जा रहे हों. 2011 विश्व कप के बाद भारतीय टीम ने ऐसी कोई बड़ी जीत हासिल नहीं की जिसको लेकर यह कहा जा सके यह वनडे की विश्व चैम्पियन है.

क्या लगातार हारने का रिकॉर्ड बनाना है?
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज़ में भारत को मिली बुरी हार, एशिया कप में टीम का बुरा प्रदर्शन और अब टी20 विश्वकप में सेमीफाइनल से पहले बाहर हो जाना यह दर्शाता है कि टीम आईपीएल को छोड़कर अन्य किसी मैच में गंभीर दिखाई नहीं दे रही है. घरेलू टूर्नामेंट को छोड़ दें तो भारतीय टीम ने हर जगह दर्शकों को निराश किया है और इसके लिए सबसे अधिक जिम्मेदार धोनी को बताया जा रहा है. धोनी पर यह भी आरोप लगा कि उनका टीम के सीनियर खिलाड़ियों से कोई कॉंटेक्ट नहीं है और इस बात की पुष्टि उस समय

पुरा लेख पढने के क्लिक करें......अब तो हटाओ ‘धोनी’

विजेट आपके ब्लॉग पर